Alcohol पीते ही English क्यों बोलने लगते हैं लोग? सामने आई Scientific वजह

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नई दिल्ली: कई पार्टी में आपने देखा होगा कि कुछ लोग शराब (Alcohol) पीने के बाद अचानक से अंग्रेजी (English) में बात करने लग जाते हैं. वे फुल कॉन्फिडेंस (Confidence) में आकर अंग्रेजी में बेधड़क बोलना शुरू कर देते हैं. उसके बाद वे हर सवाल का जवाब भी अंग्रेजी में ही देना पसंद करते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, लोगों की इस हरकत के पीछे वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) है. एक रिसर्च (Research) में लोगों के इस सवाल का जवाब मिल गया है.

नशे में बढ़ जाता है कॉन्फिडेंस
साइंस मैगजीन (Science Magazine) ‘जर्नल ऑफ साइकोफार्माकोलॉजी’ (Journal Of Psychopharmacology) में छपी एक रिसर्च के अनुसार, शराब (Alcohol) के 1-2 पेग (Peg) लेने के बाद कुछ लोगों की नर्वसनेस (Nervousness) खत्म हो जाती है. वे कॉन्फिडेंट होकर उस दूसरी भाषा में बात करने लग जाते हैं, जिनमें नॉर्मल समय में वे झिझक महसूस करते हैं. भारत की बात करें तो शराब पीने के बाद कई लोग धड़ाधड़ अंग्रेजी (English) में बात करने लग जाते हैं.

नई दिल्ली: कई पार्टी में आपने देखा होगा कि कुछ लोग शराब (Alcohol) पीने के बाद अचानक से अंग्रेजी (English) में बात करने लग जाते हैं. वे फुल कॉन्फिडेंस (Confidence) में आकर अंग्रेजी में बेधड़क बोलना शुरू कर देते हैं. उसके बाद वे हर सवाल का जवाब भी अंग्रेजी में ही देना पसंद करते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, लोगों की इस हरकत के पीछे वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason) है. एक रिसर्च (Research) में लोगों के इस सवाल का जवाब मिल गया है.

नशे में बढ़ जाता है कॉन्फिडेंस
साइंस मैगजीन (Science Magazine) ‘जर्नल ऑफ साइकोफार्माकोलॉजी’ (Journal Of Psychopharmacology) में छपी एक रिसर्च के अनुसार, शराब (Alcohol) के 1-2 पेग (Peg) लेने के बाद कुछ लोगों की नर्वसनेस (Nervousness) खत्म हो जाती है. वे कॉन्फिडेंट होकर उस दूसरी भाषा में बात करने लग जाते हैं, जिनमें नॉर्मल समय में वे झिझक महसूस करते हैं. भारत की बात करें तो शराब पीने के बाद कई लोग धड़ाधड़ अंग्रेजी (English) में बात करने लग जाते हैं.

पर्सनालिटी में आता है बदलाव
इस रिसर्च के मुताबिक, शराब पीने से लोगों की याद्दाश्त और कंसन्‍ट्रेशन पावर (Concentration Power) पर असर पड़ता है. इस दौरान कुछ लोगों की पर्सनालिटी (Personality) बिल्कुल बदल जाती है और उनका कॉन्फिडेंस बूस्ट हो जाता है. ऐसा होते ही वे उन चीजों पर फोकस करने लगते हैं, जिन्हें होश में करने में वे हिचकिचाते हैं.

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