भिखारी की मौत, झोपड़ी में मिला ‘खजाना’, पैसे गिनते-गिनते पुलिस के उडे होश

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मुंबई। आपने राह चलते या किसी अस्पताल, स्कूल और स्टेशन के पास बैठे भिखारियों को देखा होगा। भिखारी के भीख मांगने पर आप उनको कुछ पैसे भी दे देते हैं। कभी-कभी भिखारी का हुलिया देखकर लोगों को अंदाजा नहीं होता कि जिस भिखारी को हमने पैसे दिए उसके पास क्या होगा और कितना पैसा होगा।

हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसे देखकर पुलिस के होश फाख्ता हो गए। दरअसल, मुंबई में चलने वाली लोकल ट्रेन से कटकर एक भिखारी की मौत हो गई। पुलिस को तलाशी के दौरान भिखारी की झोपडी से जो कुछ मिला उससे देखकर पुलिस के होश फाख्ता हो गए।

भिखारी का नाम बिरभिचंद आजाद था और गोवंडी रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार करते वक्त लोकल ट्रेन से कटकर इसकी मौत हो गई। भिखारी की पहचान होने पर रेलवे पुलिस की टीम उसकी झोपड़ी में पहुंची तो बोरियां और थैलियां में सिक्के भरे हुए मिले।

इतना ही नहीं भिखारी के घर से बैंक की पासबुक भी मिली है, जिसमें कुल 8 लाख 77 हजार रुपए जमा की रसीद मिली है। सिक्कों को गिनने में पुलिस को 8 घंटे लग गए और ये करीब ढाई लाख रुपए के थे।

झोपड़ी से भिखारी का आधार कार्ड, पैन कार्ड और सीनियर सिटिजन कार्ड मिला है। जिस पर राजस्थान का पता लिखा हुआ है। राजस्थान के रहने वाले बिरभचिंद मुम्बई के गोवंडी इलाके में रेल पटरी के पास ही रहते थे और रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर अपना गुजारा करते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि उनके पास इतने पैसे होंगे।

भिखारी के पड़ोसियों ने बताया कि पहले बिरभिचंद आजाद के साथ उसका परिवार भी रहता था, लेकिन बाद में उसका पूरा परिवार चला गया और वह अकेला रहने लगा।

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