Dear Parents! इस तरह डरा कर बच्चों को पढ़ाने से ज़्यादा घातक उनके भविष्य के लिए कुछ नहीं हो सकता

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भारत में बच्चों को पढ़ाने का तरीका बाकी देशों के मुकाबले बहुत अलग है. यहां टीचर को गुरू मना जाता है और गुरू आपको शिक्षा देने के लिए जो भी कदम उठाता है, उसे आशीर्वाद की तरह ग्रहण किया जाता है. बच्चा भी जीवन में सफ़ल हो कर इसका श्रेय अपने गुरू को ज़रूर देता है.

हालांकि अब पढ़ाने के तरीके में काफ़ी बदलाव आया है, डंडी से मारना या गुरू का दंड देना, Physical Violence की तरह देखा जाता है. मैं इससे सहमत भी हूं क्योंकि जिस Interest से आज से 10-20 साल पहले टीचर पढ़ाया करते थे, वो Interest अब देखने को नहीं मिलता है. अब पढ़ाना बाकी दूसरे Professions की तरह ही एक Business है.

लेकिन पहले के मुक़ाबले Parents और Teacher की बच्चे से उम्मीदें बहुत ज़्यादा बढ़ गयी हैं. इस हद तक कि छोटी से उम्र में उन पर Competition का, Perfect बनने का बोझ डाल दिया जाता है. Strict से Strict तरीके अपनाए जाते हैं बच्चे को कड़क बनाने के लिए. ऐसा करते हुए मां-बाप, Schools और टीचर बच्चे का बचपन छीन लेते हैं.

इस वीडियो में ये कहीं से पता नहीं चल रहा है कि इस बच्ची को इस तरह से गिनती सिखा रही महिला है कौन है, उसकी टीचर या मां. जो भी है, वो बहुत Insensitive है. वो बच्ची बार-बार बोल रही है कि उसके कान में, उसके सिर में दर्द हो रहा हो. हो सकता है वो बहाना मार रही हो, लेकिन इस तरह बच्चे को कुंठित कर के सिखाना कहां की पढ़ाई है.

https://www.youtube.com/watch?v=ymUdMXe5gCA

 

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