बच्चे इस Video को ना देखे ,MUMBAI की वो काली सच्चाई जो शायद आप नहीं जानते , जानकार सन्न हो जाएगे आप…

0
540

मुंबई या बम्बई आप किस नाम से जानते हैं? माया नगरी या सपनों का शहर? मुंबई भारत के सबसे बड़े शहरों में से एक है तो आइये जानते है मुंबई यानि मायानगरी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य.

पहले मुंबई को बम्बई या बाम्बे के नाम से जाना जाता था. मुंबई का नाम मुंबादेवी के नाम पर रखा गया है. यहाँ की जनसँख्या 3.29 लाख है इतना ही नहीं यह आंकड़ा ज्यादा भी हो सकता है. मुंबई की जनसँख्या और क्षेत्रफल इन दोनों के हिसाब से भारत का यह सबसे बड़ा शहर है.

मुंबई का बन्दरगह भारतवर्ष का सबसे सामुद्रिक बंदरगाह है. भारत की टोटल GDP में 5% हिस्सा मुंबई का ही होता है. मुंबई दुनिया के टॉप 10 कमर्शियल सेंटर्स में एक है. मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं. इतना ही नहीं लोग इसे भारत की राजधानी भी मानते हैं. मुंबई का नाम दो नामों से जोडकर रखा गया है वो है मुंबा यानि देवी का एक रूप और यानि माँ.

मुंबई शहर सन 250 ई.पू से आबाद है तब इसे हीप्टेनेशिया कहा जाता था. आज सपनों का शहर कहा जाने वाला मुंबई एक समय द्वितीय इंग्लैंड को दहेज के रूप में दिया गया था. आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन सन 1668 में आज का मुंबई शहर ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी के मात्र 10 पाउंड प्रति वर्ष के दर पर पट्टे पर डे दिया गया था. सन 1661 में मुंबई की जनसँख्या मात्र 10 हजार थी. जो 1675 में बढकर 60 हजार हो गयी.मुंबई के बहुप्रचलित गेटवे ऑफ़ इंडिया को भारत में सम्राट जार्ज पंचम और महारानी मैरी के आगमन पर उनके स्वागत के लिए बनाया गया था. जो की 4 दिसम्बर 1924 को पूरी तरह बनकर तैयार हो गया था. क्या आप जानते हैं की बॉलीवुड शब्द बाम्बे और हॉलीवुड को मिलकर बनाया गया है. पुरे भारतवर्ष में करीब हर रोज 2 करोण लोग यात्रा ट्रेन यात्रा करते हैं जिसमे से अकेले मुंबई में ही हर रोज 63 लाख लोग यात्रा करते हैं.

आपको जानकर बिलकुल भी खुशी नहीं होगी की हर रोज मुंबई शहर में लगभग 7800 मीट्रिक तन से भी ज्यादा कूड़ा इकठ्ठा होता है. इतनी तरक्की के बावजूद मुंबई की कुल जनसँख्या का लगभग 7% अंश गन्दी बस्तियों और झुग्गियों में बसता है. मुंबई की धारवी एशिया की सबसे बड़ी स्लम बस्ती है जिसमे करीब 10 लाख लोग रहते हैं. इतना ही नहीं यह दुनिया की सबसे महंगी स्लम बस्ती है.मुंबई में कई ऐसे जगह हैं जहाँ जिस्मफरोशी का कालाबाजार चलता है यह पहले भी चलता था और आज भी चलता है लेकिन यह कब रुकेगा और कौन इसे रोक पायेगा ये आज तक पता नहीं चला. बस इसी बात का अफसोस है वरना मुंबई तो किसी मायानगरी से कम नहीं है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

eleven − eleven =